उपचाराधीन टीबी रोगियों को गोद लेकर बेहतर सुविधाएं मुहैया कराएं जिला टीबी फोरम की बैठक में डीएम ने दिए निर्देश - atal khabar

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Thursday, March 3, 2022

उपचाराधीन टीबी रोगियों को गोद लेकर बेहतर सुविधाएं मुहैया कराएं जिला टीबी फोरम की बैठक में डीएम ने दिए निर्देश

उरईगुरुवार को जिला स्तरीय टीबी फोरम की बैठक जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में हुई। जिलाधिकारी ने टीबी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिले में जितने भी टीबी मरीज उपचाराधीन हैं उन मरीजों को सभी वरिष्ठ अधिकारी गोद लेकर  बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं  और उन्हें टीबी रोग से मुक्त करने में मदद करें। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि आगामी नौ मार्च से सक्रिय टीबी रोगियों की खोज के लिए जो अभियान चलाया जाना हैउस अभियान में अधिक से अधिक मरीज खोजे जाएं । उन्होंने कहा कि टीबी रोग के बारे में जागरूकता के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार - प्रसार अभियान चलाया जाए। सभी सरकारी संस्थानों में वालपेंटिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिसे जो जिम्मेदारी दी गई हैवह गंभीरता से पूरी करें और टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाएं । जिलाधिकारी ने कहा कि जो भी प्राइवेट चिकित्सक  टीबी रोगियों का इलाज करेंउनकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को अनिवार्य रुप से दें। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एनडी शर्मा ने कहा कि दिसंबर 2021 तक जिले में सरकारी अस्पतालों में 2076 मरीज और प्राइवेट चिकित्सकों के यहां 664 मरीज उपाराधीन रहे हैं। प्राइवेट चिकित्सकों से कहा गया है कि वह जो भी मरीज देखेंउनकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को जरूर दें ताकि उनकी सूची निक्षय पोर्टल पर अपडेट की जा सके। साथ ही बेहतर प्रचार करने की भी उन्होंने बात कही। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. सुग्रीवबाबू ने नौ  से 22 मार्च तक चलने वाले सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलेगा।  इसमें स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीमें घरों में जाकर सर्वे करेंगी। यह अभियान सभी नौ ब्लाक  और शहरी क्षेत्र में संचालित होगा। उन्होने बताया कि दो सप्ताह या अधिक समय तक खांसी आनाखांसी के साथ बलगम आनाबलगम में कभी-कभी खून आनासीने में दर्द होनाशाम को हल्का बुखार आनावजन कम होना और भूख न लगना टीबी के सामान्य लक्षण हैं । ऐसे लक्षणों वाले लोगों को टीबी की जांच अवश्य करानी चाहिए जांच में टीबी की पुष्टि होने पर दवा का पूरा कोर्स करने से टीबी से जल्दी से जल्दी मुक्ति मिल सकती है  इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डा. अभय कुमार श्रीवास्तवजिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र त्रिपाठीमेडिकल कालेज के चिकित्सा अधीक्षक डा. संजीव गुप्तासुधीर कुमार मिश्रा एडवोकेट राममोहन चतुर्वेदीआलोक मिश्राघनश्याम याज्ञिकनुरुल हुदा आदि मौजूद रहे। 



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