महान क्रांतिकारी थे वीर सपूत दरियाव सिंह लोधी - सुशील राजपूत - atal khabar

क्या चल रहा है ?

Sunday, March 6, 2022

महान क्रांतिकारी थे वीर सपूत दरियाव सिंह लोधी - सुशील राजपूत


 उरई। 6 मार्च बलिदान दिवस पर प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम 1857 ई ० के कालखण्ड में फतेहपुर जनपद के खागा में जन्मे ठा ० दरियाव सिंह लोधी के बलिदान को नहीं भुलाया जा सकता । लोधी क्षत्रिय एम्पलाइज एसोसिएशन लक्ष्य के प्रदेश अध्यक्ष सुशील राजपूत बताते हैं कि अठारवी सदी के उत्तराध में तत् कालीन तालुकेदार श्रीमन्त मर्दन सिंह की गढ़ी में 1795 ई- में क्रान्ति वीर , दरियाव सिंह लोधी का अवतरण हुआ । यही बालक 1857 के स्वातंत्र्य समर में अंतर्वेद का महान योद्धा दरियाव सिंह लोधी सिद्धू हुआ , जिससे 1857 की क्रान्ति के लगभग 6 बरस पहले ही फतेहपुर का तत्कालीन अंग्रेज मजिस्ट्रेट और कलेक्टर चार्ल्स वॉल्टर किन लाँक कह गया कि हम अपने सामने ऐसा घमण्डी और अशिक्षित व्यक्ति देखते हैं । कलेक्टर के इस बयान से काफी शेस व्याप्त हो गया । 1857 की क्रान्ति का बिगुल बजने से पहले ही दरियाव सिंह ने अपने वीर पुत्र सुजान सिंह लोधी को खागा की तालुकेशरी सौंप दी और स्वयं चारों दिशाओं चाल भाँपने अपने मित्रों के साथ निकल पड़े । दरियात सिंह लोधी के नेतृत्व और रण बाकुरो में सुजान सिंह लोधी की तालुकेदारी में 6 जून को खागा और 10 जून 1857 को सम्पूर्ण फतेहपुर- जनपद आजाद संग्राम के दौरान खागा 34 दिनों तक और पूरा फतेहपुर आजाद रहा । लोधी क्षत्रिय एम्प्लॉयीज ऐसोसिएशन ( लक्ष्य ) के राष्ट्रीय संयोजक अमरपाल सिंह ( आईआरएस ) के आवाहन पर , लक्ष्य उत्तर प्रदेश द्वारा जनपदों में जगह जगह कान्तिकारी दरियान सिंह लोधी का बलिशन दिवस मनाया गया जिसका प्रचार - प्रसार सुनील सिंह , शहद राजपूत , नरेन्द्र लोधी , अनिल राजपूत , रामचन्द्र वर्मा , प्रवीन राजपूत , केशव सोमेन्द्र सिंह , मेघराज सिंह द्वारा जनपदों में किया गया ।



No comments:

Pages