पाली रेंज के जंगल मे मोर नचा रहे रेंजर साहब: मजदूर काम के लिए ललायित और लाखो के तालाब निर्माण कार्य कराया जा रहा मशीन से!!!बीटगार्ड ने कहा मजदूर नही मिलने से कर रहे मशीन का उपयोग! कितने की स्वीकृति नही मालूम - atal khabar

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Monday, March 21, 2022

पाली रेंज के जंगल मे मोर नचा रहे रेंजर साहब: मजदूर काम के लिए ललायित और लाखो के तालाब निर्माण कार्य कराया जा रहा मशीन से!!!बीटगार्ड ने कहा मजदूर नही मिलने से कर रहे मशीन का उपयोग! कितने की स्वीकृति नही मालूम

 

कोरबा(पाली/विक्की अग्रवाल)
 कटघोरा वन मण्डल में गत पदस्थ रही डीएफओ शमा फारुखी के कारनामे की वजह से पूरे प्रदेश में चर्चित यह वन मण्डल,जहां न सिर्फ खुला भ्रष्टचार बल्कि लालफीता व अफसरशाही का बोलबाला था,और प्रदेश के एक मंत्री के रिश्तेदार होने की नशे में चूर डीएफओ शमा को मुह की खानी तब पड़ी जब जिले की आईएएस से उनकी तनातनी हुई,तब उनको कटघोरा से हटाकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक रायपुर में अटैच कर दिया गया,परंतु उन्हें हटाने एवं नए डीएफओ के कटघोरा वन मण्डल संभालने के बाद भी इस वन मण्डल में सुधार नही आ पाया है एवं अभी भी मिस शमा के रास्ते कदम पर रेंज में पदस्थ रेंजरों के कारनामे सामने आ रहे है और वे जंगल मे मोर नचाने की तर्ज पर लाखों के काम को करा रहे है।पाली रेंज के रेंजर की मनमानी भी इस तरीके से हावी है कि गांव के जरूरत मंद ग्रामीण जन जो गांव के आसपास मजदूरी कार्य के लिए ललायित है,उन्हें रोजगार मुहैया न कराकर तालाब निर्माण के काम को मशीन से करा रहे है।
 
पाली रेंज के लाफा बीट में चैतुरगढ मार्ग पर ग्राम जेमरा से महज तीन कि.मी. पहले जंगल के भीतर लाखों के स्वीकृत वाले तालाब निर्माण का काम पाली रेंजर जोगी के अधीनस्थ हो रहा है,जिसमे आसपास के जरूरत मंद ग्रामीण मजदूरों के हाथों रोजगार ना देकर पूरा काम मशीन से करा रहे है।इस कार्य को लेकर रोचक पहलू यह है कि रेंजर के अधीन होने वाले कार्य का देखरेख कर रहे बीटगार्ड दीपक पटेल से काम की स्वीकृति और मशीन या मजदूरों से काम कराया जाने के संबंध में पूछने पर उन्होंने यह जानकारी दी कि मजदूर नही मिलने की वजह से काम मशीन से कराया जा रहा है,स्वीकृत राशि के बारे में उन्हें नही मालूम।परन्तु लाफा बीट के जिस जंगल मे तालाब निर्माण का काम चल रहा है वहां से ग्राम नागोईभाठा,खरौंजीपारा,मतिनहापारा,दर्राहा पारा,जेमरा की दूरी दो से तीन कि.मी. है,जहां के निवासी गरीब ग्रामीण जन मजदूरी कार्य के लिए ललायित है परन्तु पाली रेंज के रेंजर एवं बीट गार्ड की नजर काम तलाश रहे उन ग्रामीणजनो पर नही गई या कुछ और कि उन्हें काम मुहैया ना कराकर पूरा काम जेसीबी मशीन एवं ट्रेक्टर के सहारे कराया जा रहा है।गुजरे 2020 एवं 2021 में जेमरा सर्किल में पौधारोपण कार्य कराने के लिए पच्चीस से तीस कि.मी. दूर बिलासपुर जिले के ग्राम केनाडांड एवं मजगंवा से दर्जनों की संख्या में वाहनों से मजदूर लाए गए थे परंतु तालाब निर्माण के लिए पाली रेंजर एवं उनके कर्मचारियों को कहीं मजदूर नही मिले और कार्य स्थल की खोदाई के लिए एक जेसीबी एवं मिट्टी ढुलाई के लिए 50 रुपए प्रति ट्रिप पर सात से आठ ट्रेक्टर लगाया गया है।मजदूरों के बजाय मशीन से कराया जा रहे काम की जानकारी एसडीओ,डीएफओ को है या नही परन्तु जिस तरह से काम कराया जा रहा है उससे कहीं ना कही मिलीभगत एवं बंदरबांट का खेल होना प्रतीत होता है।


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