पिछले चार दशकों से बुंदेलखंड में
वैश्य समाज की राजनीतिक दलों में पहली पसंद जनसंघ और भाजपा ही रही है। लेकिन
दुर्भाग्य की बात है कि ना तो भारतीय जनता पार्टी ने नाही समाज वादी पार्टी ने ना
ही बहुजन समाज पार्टी ने इन तीनों प्रमुख दलों ने जिंदगी बुंदेलखंड में अब
मतदाताओं में गहरी जड़े हैं इन्होंने वैश्य समाज को पूरे बुंदेलखंड की कुल 19
सीटों में से एक भी सीट देना जरूरी नहीं समझा। कांग्रेस पार्टी ऐसी एकलौती पार्टी
है जिसने वैश्य समाज के जख्म पर मरहम लगाते हुए बांदा सदर सीट से वैश्य समाज के एक
प्रतिष्ठित कर्मठ और ईमानदार व्यक्ति को
लक्ष्मी नारायण गुप्ता को प्रत्याशी
बनाया है जो एक मेडिकल एजेंसी के जिले के मुख्य डीलर हैं। मिलनसार और मृदुल स्वभाव
के हैं। वैश्य समाज के बांदा विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या लगभग 35000
हैं । कांग्रेस ने ऐसे समय में जब पूरे बुंदेलखंड की 19 सीटों में किसी अन्य दिल
ने वैसे समाज को टिकट देने की जरूरत नहीं समझी उस समय कॉन्ग्रेस इस समाज को
भावनात्मक रूप से अपनी और खींचने में सफल रहा है। भाजपा के मुख्य मतदाताओं में ब्राह्मण
ठाकुर वैश्य के अलावा कायस्थ बिरादरी मुख्य रूप से रही है जब जनसंघ और भाजपा मे
पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह “अब स्वर्गीय” का
उदय हुआ इसके राम मंदिर के निर्माण के लिए अपनी सरकार कुर्बान कर देने वाले कल्याण
सिंह लोधी राजपूत समाज के साथ-साथ पूरे देश और पूरे विश्व के हिंदू समाज के हृदय
में विराजमान हो गए इसके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व
मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती ने लोधी राजपूत समाज को भाजपा से जोड़ने में जी जान
लगा दी | इसके बाद तीन
बार लोकसभा पर एक बार राज्यसभा के सांसद रहे गंगा चरण राजपूत ने भी भाजपा को लोधी
बिरादरी से मजबूती से जोड़ने का काम किया अब यही काम केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल
वर्मा तथा प्रदेश के निवर्तमान मंत्री धर्मपाल सिंह भाजपा को लोधी राजपूत समाज से
जोडने का काम कर रहे है | इसी
तरह पटेल और निरंजन समाज के जनसंघ और भाजपा के सबसे बड़े नेता पूर्व राज्यसभा
सांसद विनय कटियार ने पटेल निरंजन समाज को जनसंघ और भाजपा से जोड़ने का अथक काम
किया इसके अलावा अब इसी काम को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी कर
रहे हैं जबकि मौर्य कुशवाहा समाज को जोड़ने का काम भाजपा के प्रदेश के
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कर रहे हैं लेकिन जब से देश के प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी बने हैं तब से भाजपा लोअर ओबीसी समाज जैसे राठौर प्रजापति दर्जीसाहू
दलित समाज के विभिन्न जातियां उपजातियां जो भाजपा से जुड़े उसका पूरा श्रेय नरेंद्र
मोदी को जाता है लेकिन जिसमें से समाज में तन मन धन से जनसंघ और भाजपा की सेवा की
बदले में भाजपा नेतृत्व ने बुंदेलखंड में उसे कोई टिकट देने की जरूरत नहीं समझी
वैसे समाज और सर्व वैश्य समाज के विभिन्न संगठन के अध्यक्ष मंचों से चिल्ला चिल्ला
कर चुनाव के पहले यह कहते रहे कि हम सभी दलों से पूरे प्रदेश में 50 से 100 सीटें
मांगेंगे लेकिन किसी भी राजनीतिक दल ने उनकी मांग को पूरा नहीं किया हद तो यह हो
गई कांग्रेस को छोड़कर किसी भी राजनीतिक दल ने उन्हें बुंदेलखंड में एक भी सीट
देना जरूरी नहीं समझा इसके चलते बुंदेलखंड में वैश्य समाज का क्या रुख होगा इस पर
वैश्य समाज के विभिन्न संगठन मोबाइल से पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलों के
पदाधिकारियों के साथ वार्ता करके अपनी शीघ्र नीत बनाएंगे और वह उन्हें बताएंगे कि
हमारा वोट बुंदेलखंड में कितना है और आपने हमें कितना बजे से तो दिया है लोकतंत्र
में यह जरूरी है योग्यता और मतदाताओं की संख्या के हिसाब से विभिन्न समाज को
हिस्सेदारी दी जानी चाहिए लेकिन इस चुनाव में ऐसा नहीं हुआ है लिहाजा वैश्य समाज
इस चुनाव में अपना अंतिम निर्णय क्या लेगा ले आना अभी शेष है।
लक्ष्मी नारायण गुप्ता को प्रत्याशी
बनाया है जो एक मेडिकल एजेंसी के जिले के मुख्य डीलर हैं। मिलनसार और मृदुल स्वभाव
के हैं। वैश्य समाज के बांदा विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या लगभग 35000
हैं । कांग्रेस ने ऐसे समय में जब पूरे बुंदेलखंड की 19 सीटों में किसी अन्य दिल
ने वैसे समाज को टिकट देने की जरूरत नहीं समझी उस समय कॉन्ग्रेस इस समाज को
भावनात्मक रूप से अपनी ओर खींचने में सफल रहा है। भाजपा के मुख्य मतदाताओं में
ब्राह्मण ठाकुर वैश्य के अलावा कायस्थ बिरादरी मुख्य रूप से रही है जब जनसंघ और
भाजपा मे पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह “अब स्वर्गीय” का उदय हुआ इसके राम मंदिर के निर्माण
के लिए अपनी सरकार कुर्बान कर देने वाले कल्याण सिंह लोधी राजपूत समाज के साथ-साथ
पूरे देश और पूरे विश्व के हिंदू समाज के हृदय में विराजमान हो गए इसके बाद पूर्व
केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती ने लोधी
राजपूत समाज को भाजपा से जोड़ने में जी जान लगा दी | इसके बाद तीन बार लोकसभा पर एक बार राज्यसभा के सांसद रहे गंगा चरण
राजपूत ने भी भाजपा को लोधी बिरादरी से मजबूती से जोड़ने का काम किया अब यही काम
केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा तथा प्रदेश के निवर्तमान मंत्री धर्मपाल सिंह
भाजपा को लोधी राजपूत समाज से जोडने का काम कर रहे है | इसी तरह पटेल और निरंजन समाज के जनसंघ
और भाजपा के सबसे बड़े नेता पूर्व राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने पटेल निरंजन समाज
को जनसंघ और भाजपा से जोड़ने का अथक काम किया इसके अलावा अब इसी काम को भाजपा के
प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी कर रहे हैं जबकि मौर्य कुशवाहा समाज को
जोड़ने का काम भाजपा के प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कर रहे हैं
लेकिन जब से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने हैं तब से भाजपा लोअर ओबीसी
समाज जैसे राठौर प्रजापति दर्जीसाहू दलित समाज के विभिन्न जातियां उपजातियां जो
भाजपा से जुड़े उसका पूरा श्रेय नरेंद्र मोदी को जाता है लेकिन जिसमें से समाज में
तन मन धन से जनसंघ है
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