
नवल किशोर ने शिकायत में कहा कि योगी
आदित्यनाथ ने राजस्थान के अलवर जिले के मालखेडा मे 28 नवंबर 2018 को विधानसभा चुनाव के दौरान एक रैली
को संबोधित करते हुए कहा था कि बजरंग बली बनवासी, गिरिवासी और दलित थे। नवल किशोर
के मुताबिक उनके इस वक्तव्य से परिवादी व बजरंगबली में आस्था रखने वालों की
धार्मिक भावना आहत हुई हैं।
अपर मुख्य न्यायिक
मजिस्ट्रेट/एमपी एमएलए कोर्ट से खारिज कर दिया गया था। जज श्वेता चौधरी ने 11 मार्च को कहा था कि घटना स्थल राजस्थान का है और यह मऊ
क्षेत्राधिकार से बाहर का है। नवल किशोर ने इसे जिला जज कोर्ट में चुनौती दी है। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने फौजदारी निगरानी के रूप में दर्ज
कर सुनवाई के लिए 26 अप्रैल
की तिथि नियत किया है। वही न्यायाधीश ने मुख्यमंत्री सहित अन्य विपक्षी को नोटिस
जारी करने का आदेश दिया है।
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